श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 4: धृतराष्ट्रके पूछनेपर संजयके द्वारा भूमिके महत्त्वका वर्णन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.4.10 
द्विविधानीह भूतानि चराणि स्थावराणि च।
त्रसानां त्रिविधा योनिरण्डस्वेदजरायुजा:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
राजन! इस पृथ्वी पर दो प्रकार के जीव हैं - स्थावर और जंगम। चराचर जीवों की उत्पत्ति के तीन स्थान हैं - अंडज, स्वेदज और जरायुज। 10॥
 
Rajan! There are two types of creatures available on this earth – stationary and mobile. There are three places of origin of moving creatures – Andaj, Swedaj and Jaryuj. 10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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