यो मामेवमसम्मूढो जानाति पुरुषोत्तमम् ।
स सर्वविद्भजति मां सर्वभावेन भारत ॥ १९ ॥
अनुवाद
जो मनुष्य मुझे पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् के रूप में बिना किसी संदेह के जानता है, वह सबका ज्ञाता है। अतः हे भरतपुत्र! वह मनुष्य मेरी पूर्ण भक्ति में लीन हो जाता है।
Anyone who knows me as the Supreme Personality of Godhead without any doubt is the knower of all. Therefore, O son of Bharata, that person is immersed in My complete devotion.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥