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श्लोक  6.38.4 
सर्वयोनिषु कौन्तेय मूर्तय: सम्भवन्ति या: ।
तासां ब्रह्म महद्योनिरहं बीजप्रद: पिता ॥ ४ ॥
 
 
अनुवाद
हे कुन्तीपुत्र! यह समझ लो कि सभी प्रकार के जीव इस भौतिक प्रकृति में जन्म लेकर उत्पन्न होते हैं और मैं उनका बीजदाता पिता हूँ।
 
O son of Kunti, understand that all types of living entities are possible through birth in this material nature and I am their seed-giving father.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)