Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.37.5: विभिन्न वैदिक ग्रंथों में विभिन्न ऋषियों ने कर्मों के क्षेत्र और उन कर्मों के ज्ञाता के ज्ञान का वर्णन किया है। विशेषकर वेदान्त सूत्र में इसे कारण-कार्य के सम्पूर्ण तर्क के साथ प्रस्तुत किया गया है। | mahabharat अध्याय 6.37: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 13: प्रकृति, पुरुष तथा चेतना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋषिभिर्बहुधा गीतं छन्दोभिर्विविधै: पृथक् ।
ब्रह्मसूत्रपदैश्चैव हेतुमद्भिर्विनिश्चितै: ॥ ५ ॥
अनुवाद
विभिन्न वैदिक ग्रंथों में विभिन्न ऋषियों ने कर्मों के क्षेत्र और उन कर्मों के ज्ञाता के ज्ञान का वर्णन किया है। विशेषकर वेदान्त सूत्र में इसे कारण-कार्य के सम्पूर्ण तर्क के साथ प्रस्तुत किया गया है।
In various Vedic texts, various sages have described the field of activities and the knowledge of the knower of those activities. This has been presented especially in the Vedanta Sutra along with the entire logic of cause and effect.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥