Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.37.34: हे भारतपुत्र! जिस प्रकार सूर्य ही इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को प्रकाशित करता है, उसी प्रकार शरीर में स्थित आत्मा ही चेतना द्वारा सम्पूर्ण शरीर को प्रकाशित करती है। | mahabharat अध्याय 6.37: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 13: प्रकृति, पुरुष तथा चेतना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथा प्रकाशयत्येक: कृत्स्नं लोकमिमं रवि: ।
क्षेत्रं क्षेत्री तथा कृत्स्नं प्रकाशयति भारत ॥ ३४ ॥
अनुवाद
हे भारतपुत्र! जिस प्रकार सूर्य ही इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को प्रकाशित करता है, उसी प्रकार शरीर में स्थित आत्मा ही चेतना द्वारा सम्पूर्ण शरीर को प्रकाशित करती है।
O son of Bharata! Just as the Sun alone illuminates this entire universe, similarly the soul situated within the body illuminates the entire body with consciousness.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥