Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.37.3: हे भरतवंशी! तुम यह जान लो कि मैं भी सम्पूर्ण शरीरों को जानने वाला हूँ और इस शरीर तथा इसके ज्ञाता को जानना ही ज्ञान कहलाता है। यह मेरा मत है। | mahabharat अध्याय 6.37: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 13: प्रकृति, पुरुष तथा चेतना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षेत्रज्ञं चापि मां विद्धि सर्वक्षेत्रेषु भारत ।
क्षेत्रक्षेत्रज्ञयोर्ज्ञानं यत्तज्ज्ञानं मतं मम ॥ ३ ॥
अनुवाद
हे भरतवंशी! तुम यह जान लो कि मैं भी सम्पूर्ण शरीरों को जानने वाला हूँ और इस शरीर तथा इसके ज्ञाता को जानना ही ज्ञान कहलाता है। यह मेरा मत है।
O descendant of Bharata! You should know that I am also the knower of all the bodies and knowing this body and its knower is called knowledge. This is my opinion.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥