Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.37.28: जो सभी शरीरों में आत्मा सहित परमात्मा को देखता है, तथा जो यह समझता है कि इस नश्वर शरीर में न तो आत्मा और न ही परमात्मा कभी नष्ट होते हैं, वही वास्तव में देखता है। | mahabharat अध्याय 6.37: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 13: प्रकृति, पुरुष तथा चेतना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
समं सर्वेषु भूतेषु तिष्ठन्तं परमेश्वरम् ।
विनश्यत्स्वविनश्यन्तं य: पश्यति स पश्यति ॥ २८ ॥
अनुवाद
जो सभी शरीरों में आत्मा सहित परमात्मा को देखता है, तथा जो यह समझता है कि इस नश्वर शरीर में न तो आत्मा और न ही परमात्मा कभी नष्ट होते हैं, वही वास्तव में देखता है।
He who sees the Supreme Being with the Soul in all bodies, and who understands that neither the Soul nor the Supreme Being is ever destroyed within this mortal body, he alone has truly seen.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥