श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 35: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 11: विराट रूप  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.35.9 
सञ्जय उवाच
एवमुक्त्वा ततो राजन्महायोगेश्वरो हरि: ।
दर्शयामास पार्थाय परमं रूपमैश्वरम् ॥ ९ ॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा- हे राजन! ऐसा कहकर महायोगेश्वर भगवान ने अर्जुन को अपना विराट रूप दिखाया।
 
Sanjay said- O King! Saying this, Mahayogeshwar God showed his cosmic form to Arjun.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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