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नम: पुरस्तादथ पृष्ठतस्ते
नमोऽस्तु ते सर्वत एव सर्व ।
अनन्तवीर्यामितविक्रमस्त्वं
सर्वं समाप्नोषि ततोऽसि सर्व: ॥ ४० ॥
अनुवाद
आपको आगे, पीछे और चारों ओर से नमस्कार है। हे अनंत शक्ति! आप अनंत शक्ति के स्वामी हैं। आप सर्वव्यापी हैं, अतः आप ही सब कुछ हैं।
Salutations to you from the front, back and all around. O infinite power! You are the master of infinite power. You are omnipresent, hence you are everything.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥