| श्री महाभारत » पर्व 6: भीष्म पर्व » अध्याय 35: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 11: विराट रूप » श्लोक 34 |
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| | | | श्लोक 6.35.34  | द्रोणं च भीष्मं च जयद्रथं च
कर्णं तथान्यानपि योधवीरान् ।
मया हतांस्त्वं जहि मा व्यथिष्ठा
युध्यस्व जेतासि रणे सपत्नान् ॥ ३४ ॥ | | | | | | अनुवाद | | द्रोण, भीष्म, जयद्रथ, कर्ण और अन्य महारथी मेरे द्वारा पहले ही मारे जा चुके हैं। अतः तुम उनका वध करो और तनिक भी विचलित न हो। तुम केवल युद्ध करो। तुम युद्ध में अपने शत्रुओं को परास्त कर दोगे। | | | | Drona, Bhishma, Jayadratha, Karna and other great warriors have already been killed by me. So you kill them and do not be perturbed even a little. You just fight. You will defeat your enemies in the war. | | ✨ ai-generated | | |
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