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mahabharat 6.35.33: तो उठो! युद्ध के लिए तैयार हो जाओ और यश अर्जित करो। अपने शत्रुओं को परास्त करो और समृद्ध राज्य का आनंद लो। वे सभी मेरे द्वारा पहले ही मारे जा चुके हैं और हे सव्यसाची! तुम तो युद्ध में केवल एक निमित्त मात्र हो।   |   mahabharat अध्याय 6.35: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 11: विराट रूप   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 35: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 11: विराट रूप  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.35.33 
तस्मात्त्वमुत्तिष्ठ यशो लभस्व
जित्वा शत्रून्भुंक्ष्व राज्यं समृद्धम् ।
मयैवैते निहता: पूर्वमेव
निमित्तमात्रं भव सव्यसाचिन् ॥ ३३ ॥
 
 
अनुवाद
तो उठो! युद्ध के लिए तैयार हो जाओ और यश अर्जित करो। अपने शत्रुओं को परास्त करो और समृद्ध राज्य का आनंद लो। वे सभी मेरे द्वारा पहले ही मारे जा चुके हैं और हे सव्यसाची! तुम तो युद्ध में केवल एक निमित्त मात्र हो।
 
So get up! Get ready to fight and earn glory. Defeat your enemies and enjoy a prosperous kingdom. All of them have already been killed by me and O Savyasachi! You can only be a mere instrument in the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)