Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.35.26-27: धृतराष्ट्र के सभी पुत्र, उनके सभी सहायक राजा, भीष्म, द्रोण, कर्ण और हमारे प्रमुख योद्धा भी आपके भयंकर मुख में प्रवेश कर रहे हैं। मैं देख रहा हूँ कि उनमें से कुछ के सिर आपके दाँतों के बीच कुचले जा रहे हैं। | mahabharat अध्याय 6.35: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 11: विराट रूप । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अमी च त्वां धृतराष्ट्रस्य पुत्रा:
सर्वे सहैवावनिपालसङ्घै: ।
भीष्मो द्रोण: सूतपुत्रस्तथासौ
सहास्मदीयैरपि योधमुख्यै: ॥ २६ ॥
वक्त्राणि ते त्वरमाणा विशन्ति
दंष्ट्राकरालानि भयानकानि ।
केचिद्विलग्ना दशनान्तरेषु
सन्दृश्यन्ते चूर्णितैरुत्तमाङ्गै: ॥ २७ ॥
अनुवाद
धृतराष्ट्र के सभी पुत्र, उनके सभी सहायक राजा, भीष्म, द्रोण, कर्ण और हमारे प्रमुख योद्धा भी आपके भयंकर मुख में प्रवेश कर रहे हैं। मैं देख रहा हूँ कि उनमें से कुछ के सिर आपके दाँतों के बीच कुचले जा रहे हैं।
All the sons of Dhritarashtra along with all their supporting kings, Bhishma, Drona, Karna and our chief warriors are also entering your fierce mouth. I can see the heads of some of them being crushed between your teeth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥