Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.34.7: जो मेरे ऐश्वर्य और योग से पूर्णतः आश्वस्त है, वह मेरी अनन्य भक्ति करने को तत्पर है। इसमें कोई संदेह नहीं है।   |   mahabharat अध्याय 6.34: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 10: श्रीभगवान् का ऐश्वर्य   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 34: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 10: श्रीभगवान् का ऐश्वर्य  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.34.7 
एतां विभूतिं योगं च मम यो वेत्ति तत्त्वत: ।
सोऽविकल्पेन योगेन युज्यते नात्र संशय: ॥ ७ ॥
 
 
अनुवाद
जो मेरे ऐश्वर्य और योग से पूर्णतः आश्वस्त है, वह मेरी अनन्य भक्ति करने को तत्पर है। इसमें कोई संदेह नहीं है।
 
He who is completely convinced of my opulence and yoga is ready to do exclusive devotion to me. There is no doubt in this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)