श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 34: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 10: श्रीभगवान् का ऐश्वर्य  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  6.34.40 
नान्तोऽस्ति मम दिव्यानां विभूतीनां परन्तप ।
एष तूद्देशत: प्रोक्तो विभूतेर्विस्तरो मया ॥ ४० ॥
 
 
अनुवाद
हे परंतप! मेरी दिव्य शक्तियों का कोई अंत नहीं है। मैंने जो कुछ भी तुमसे कहा है, वह मेरी अनंत शक्तियों का संकेत मात्र है।
 
O Parantapa! There is no end to my divine powers. Whatever I have told you is just an indication of my infinite powers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)