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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 34: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 10: श्रीभगवान् का ऐश्वर्य
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श्लोक 36
श्लोक
6.34.36
द्यूतं छलयतामस्मि तेजस्तेजस्विनामहम् ।
जयोऽस्मि व्यवसायोऽस्मि सत्त्वं सत्त्ववतामहम् ॥ ३६ ॥
अनुवाद
मैं धोखेबाजों में जुआरी हूँ और प्रतिभाशाली लोगों में प्रतिभा हूँ। मैं विजय, साहस और बलवानों में बल हूँ।
I am the gambler among the deceitful and the brilliance among the brilliant. I am victory, courage and the strength of the strong.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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