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श्री महाभारत
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अध्याय 34: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 10: श्रीभगवान् का ऐश्वर्य
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श्लोक 26
श्लोक
6.34.26
अश्वत्थ: सर्ववृक्षाणां देवर्षीणां च नारद: ।
गन्धर्वाणां चित्ररथ: सिद्धानां कपिलो मुनि: ॥ २६ ॥
अनुवाद
मैं समस्त वृक्षों में अश्वत्थ वृक्ष और ऋषियों में नारद हूँ। मैं गन्धर्वों में चित्ररथ और सिद्ध पुरुषों में कपिल मुनि हूँ।
I am the Ashwattha tree among all trees and Narada among the sages. I am Chitrarath among the Gandharvas and Kapil Muni among the Siddha Purushas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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