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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 34: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 10: श्रीभगवान् का ऐश्वर्य
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श्लोक 23
श्लोक
6.34.23
रुद्राणां शङ्करश्चास्मि वित्तेशो यक्षरक्षसाम् ।
वसूनां पावकश्चास्मि मेरु: शिखरिणामहम् ॥ २३ ॥
अनुवाद
मैं समस्त रुद्रों में शिव हूँ, यक्षों और राक्षसों में धन का देवता (कुबेर), वसुओं में अग्नि और समस्त पर्वतों में मेरु हूँ।
I am Shiva among all the Rudras, the god of wealth (Kubera) among the Yakshas and demons, Agni among the Vasus and Meru among all the mountains.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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