श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 34: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 10: श्रीभगवान् का ऐश्वर्य  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.34.22 
वेदानां सामवेदोऽस्मि देवानामस्मि वासव: ।
इन्द्रियाणां मनश्चास्मि भूतानामस्मि चेतना ॥ २२ ॥
 
 
अनुवाद
मैं वेदों में सामवेद हूँ, देवताओं में स्वर्ग का राजा इन्द्र हूँ, इन्द्रियों में मन हूँ और समस्त प्राणियों में प्राण (चेतना) मैं हूँ।
 
I am the Samaveda among the Vedas, I am Indra, the King of heaven among gods, I am the mind among the senses and I am the life force (consciousness) in all living beings.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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