न मे विदु: सुरगणा: प्रभवं न महर्षय: ।
अहमादिर्हि देवानां महर्षीणां च सर्वश: ॥ २ ॥
अनुवाद
मेरी उत्पत्ति या महिमा को न तो देवता जानते हैं और न ही महर्षि, क्योंकि मैं सब प्रकार से देवताओं और महर्षियों का भी कारण (उत्पत्ति) हूँ।
Neither the gods nor the great sages know about my origin or glory, because in every way I am the cause (origin) of the gods and the great sages as well.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥