Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.34.15: हे परमेश्वर, हे सबके मूल, हे समस्त प्राणियों के स्वामी, हे देवों के देव, हे जगत के स्वामी! वास्तव में, केवल आप ही अपनी आंतरिक शक्ति से स्वयं को जानते हैं। | mahabharat अध्याय 6.34: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 10: श्रीभगवान् का ऐश्वर्य । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे परमेश्वर, हे सबके मूल, हे समस्त प्राणियों के स्वामी, हे देवों के देव, हे जगत के स्वामी! वास्तव में, केवल आप ही अपनी आंतरिक शक्ति से स्वयं को जानते हैं।
O Supreme Being, O origin of all, O Lord of all beings, O God of gods, O Lord of the universe! Indeed, you alone know yourself through your inner power.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥