Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.33.32: हे पार्थ! जो मनुष्य मेरी शरण में आते हैं, वे चाहे नीच कुल में जन्मी स्त्री, वैश्य (व्यापारी) और शूद्र (मजदूर) ही क्यों न हों, वे परमधाम को प्राप्त होते हैं। | mahabharat अध्याय 6.33: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 9: परम गुह्य ज्ञान । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पार्थ! जो मनुष्य मेरी शरण में आते हैं, वे चाहे नीच कुल में जन्मी स्त्री, वैश्य (व्यापारी) और शूद्र (मजदूर) ही क्यों न हों, वे परमधाम को प्राप्त होते हैं।
O Partha! Those who take refuge in me, even if they are low-born women, Vaishyas (merchant) and Shudras (laborers), they attain the Supreme Abode.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥