Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.33.15: अन्य लोग जो ज्ञान के अभ्यास के माध्यम से यज्ञ में संलग्न होते हैं, वे भगवान की उनके अद्वैत रूप में, उनके विविध रूपों में तथा उनके विश्वरूप में पूजा करते हैं। | mahabharat अध्याय 6.33: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 9: परम गुह्य ज्ञान । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अन्य लोग जो ज्ञान के अभ्यास के माध्यम से यज्ञ में संलग्न होते हैं, वे भगवान की उनके अद्वैत रूप में, उनके विविध रूपों में तथा उनके विश्वरूप में पूजा करते हैं।
Others who engage in sacrifice through the practice of knowledge worship the Lord in His non-dual form, in His diverse forms and in His universal form.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥