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श्लोक 11
श्लोक
6.33.11
अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम् ।
परं भावमजानन्तो मम भूतमहेश्वरम् ॥ ११ ॥
अनुवाद
जब मैं मनुष्य रूप में प्रकट होता हूँ, तो मूर्ख लोग मेरा उपहास करते हैं। वे मुझ ईश्वर के दिव्य स्वरूप को नहीं जानते।
When I appear as a human, fools ridicule Me. They do not know the divine nature of Me, God.
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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