हे पार्थ! जो मनुष्य निरन्तर मेरे स्मरण में मन को लगाए रहता है और अनन्य भक्ति से मुझ प्रभु का ध्यान करता है, वह निश्चय ही मुझे प्राप्त होता है।
O Partha! The person who keeps his mind constantly engaged in remembering me and meditates on me as the Lord with unwavering devotion, certainly attains me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥