Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.32.13: इस योगाभ्यास में स्थित होकर तथा अक्षरों के सर्वोच्च संयोजन, ॐ का जाप करते हुए, यदि कोई परमात्मा का ध्यान करता है और अपना शरीर त्याग देता है, तो वह निश्चित रूप से आध्यात्मिक लोकों में जाता है। | mahabharat अध्याय 6.32: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 8: भगवत्प्राप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ॐ इत्येकाक्षरं ब्रह्म व्याहरन्मामनुस्मरन् ।
य: प्रयाति त्यजन्देहं स याति परमां गतिम् ॥ १३ ॥
अनुवाद
इस योगाभ्यास में स्थित होकर तथा अक्षरों के सर्वोच्च संयोजन, ॐ का जाप करते हुए, यदि कोई परमात्मा का ध्यान करता है और अपना शरीर त्याग देता है, तो वह निश्चित रूप से आध्यात्मिक लोकों में जाता है।
Situated in this yoga practice and chanting the supreme combination of syllables, Om, if one meditates on the Supreme and gives up his body, he certainly goes to the spiritual realms.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥