Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.32.10: मृत्यु के समय जो मनुष्य अपनी प्राणशक्ति को भौहों के मध्य स्थिर कर लेता है तथा योगबल से अविचल मन से पूर्ण श्रद्धा के साथ भगवान के स्मरण में अपने को समर्पित कर देता है, वह अवश्य ही भगवान को प्राप्त कर लेता है। | mahabharat अध्याय 6.32: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 8: भगवत्प्राप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मृत्यु के समय जो मनुष्य अपनी प्राणशक्ति को भौहों के मध्य स्थिर कर लेता है तथा योगबल से अविचल मन से पूर्ण श्रद्धा के साथ भगवान के स्मरण में अपने को समर्पित कर देता है, वह अवश्य ही भगवान को प्राप्त कर लेता है।
At the time of death, a person who stabilizes his life force between the eyebrows and by the power of yoga with an unwavering mind devotes himself to the remembrance of God with complete devotion, certainly attains God.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥