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जितात्मन: प्रशान्तस्य परमात्मा समाहित: ।
शीतोष्णसुखदु:खेषु तथा मानापमानयो: ॥ ७ ॥
अनुवाद
जिसने मन पर विजय पा ली है, वह ईश्वर को प्राप्त कर चुका है, क्योंकि उसे शांति प्राप्त हो गई है। ऐसे व्यक्ति के लिए सुख-दुःख, सर्दी-गर्मी, मान-अपमान सब एक समान हैं।
One who has conquered the mind has already attained God, because he has attained peace. For such a person, happiness and sorrow, cold and heat, respect and disrespect are the same.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥