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mahabharat 6.30.42: अथवा (यदि वह लम्बे समय तक योगाभ्यास करने के बाद भी असफल हो जाए) तो उसका जन्म ऐसे योगियों के कुल में होता है जो अत्यंत बुद्धिमान होते हैं। निश्चय ही ऐसा जन्म इस संसार में दुर्लभ है।   |   mahabharat अध्याय 6.30: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 6: ध्यानयोग   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.30.42 
अथवा योगिनामेव कुले भवति धीमताम् ।
एतद्धि दुर्लभतरं लोके जन्म यदीदृशम् ॥ ४२ ॥
 
 
अनुवाद
अथवा (यदि वह लम्बे समय तक योगाभ्यास करने के बाद भी असफल हो जाए) तो उसका जन्म ऐसे योगियों के कुल में होता है जो अत्यंत बुद्धिमान होते हैं। निश्चय ही ऐसा जन्म इस संसार में दुर्लभ है।
 
Or (if he fails after practicing yoga for a long time) he is born in a family of yogis who are extremely intelligent. Certainly such a birth is rare in this world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)