Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.30.39: हे कृष्ण! यह मेरा संशय है और मैं आपसे प्रार्थना कर रहा हूँ कि आप इसे पूर्णतः दूर कर दें। आपके अतिरिक्त इस संशय का नाश करने वाला कोई नहीं है।   |   mahabharat अध्याय 6.30: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 6: ध्यानयोग   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 30: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 6: ध्यानयोग  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.30.39 
एतन्मे संशयं कृष्ण छेत्तुमर्हस्यशेषत: ।
त्वदन्य: संशयस्यास्य छेत्ता न ह्युपपद्यते ॥ ३९ ॥
 
 
अनुवाद
हे कृष्ण! यह मेरा संशय है और मैं आपसे प्रार्थना कर रहा हूँ कि आप इसे पूर्णतः दूर कर दें। आपके अतिरिक्त इस संशय का नाश करने वाला कोई नहीं है।
 
O Krishna! This is my doubt, and I am praying to you to remove it completely. There is no one other than you who can destroy this doubt.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)