Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.3.78: हे भरतनन्दन! जब विशाल सेना घबरा जाती है, तब उसे तर्क से रोकना कठिन हो जाता है। युद्धविद्या के बड़े-बड़े विद्वान भी सेना के भागने की बात सुनकर भागने लगते हैं। 78. | mahabharat अध्याय 6.3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतनन्दन! जब विशाल सेना घबरा जाती है, तब उसे तर्क से रोकना कठिन हो जाता है। युद्धविद्या के बड़े-बड़े विद्वान भी सेना के भागने की बात सुनकर भागने लगते हैं। 78.
O Bharatanandan! When a huge army is in a state of panic, it becomes difficult to stop it by reasoning. Even great scholars of warfare start running away on hearing that the army is fleeing. 78.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥