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mahabharat 6.3.76: यदि किसी सेना का एक भी सैनिक उत्साह खोकर पीछे हट जाता है, तो वह बहुत बड़ी सेना को ऐसे ही भगा देता है (उसके भागने का कारण बन जाता है) जब वह सेना भागती है, तो बड़े-बड़े वीर सैनिक भी भागने को विवश हो जाते हैं ॥ 76॥   |   mahabharat अध्याय 6.3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  6.3.76 
एको दीर्णो दारयति सेनां सुमहतीमपि।
तां दीर्णामनुदीर्यन्ते योधा: शूरतरा अपि॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
यदि किसी सेना का एक भी सैनिक उत्साह खोकर पीछे हट जाता है, तो वह बहुत बड़ी सेना को ऐसे ही भगा देता है (उसके भागने का कारण बन जाता है) जब वह सेना भागती है, तो बड़े-बड़े वीर सैनिक भी भागने को विवश हो जाते हैं ॥ 76॥
 
If even one soldier of an army loses enthusiasm and retreats, he makes a very large army flee just like that (becomes the reason for its flight). When that army flees, even the bravest soldiers are forced to flee.॥ 76॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)