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mahabharat 6.3.4-5: गरुड़ पक्षी के सिर पर शिखा और सींग होते हैं। उसके तीन पैर और चार दाँत दिखाई देते हैं। इसी प्रकार अन्य जीव भी दिखाई देते हैं। वेदों का पालन करने वाले ब्राह्मणों की पत्नियाँ आपके नगर में गरुड़ और मोरों को जन्म देती हैं। ॥4-5॥   |   mahabharat अध्याय 6.3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 4-5
 
 
श्लोक  6.3.4-5 
त्रिपदा: शिखिनस्तार्क्ष्याश्चतुर्दंष्ट्रा विषाणिन:॥ ४॥
तथैवान्याश्च दृश्यन्ते स्त्रियो वै ब्रह्मवादिनाम्।
वैनतेयान् मयूरांश्च जनयन्ति पुरे तव॥ ५॥
 
 
अनुवाद
गरुड़ पक्षी के सिर पर शिखा और सींग होते हैं। उसके तीन पैर और चार दाँत दिखाई देते हैं। इसी प्रकार अन्य जीव भी दिखाई देते हैं। वेदों का पालन करने वाले ब्राह्मणों की पत्नियाँ आपके नगर में गरुड़ और मोरों को जन्म देती हैं। ॥4-5॥
 
The Garuda bird has a crest and horns on its head. Its three legs and four teeth are visible. Similarly, other creatures are also seen. The wives of the Brahmins who follow the Vedas give birth to Garuda and peacocks in your city. ॥ 4-5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)