Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.3.35: इन्द्र के बाणों के समान चमकते हुए उल्काएँ बिजली की कड़क के साथ गिर रही हैं। इस रात्रि के बीत जाने पर तुम लोगों को अपने अन्याय का फल प्रातःकाल से ही मिलना आरम्भ हो जाएगा ॥35॥ | mahabharat अध्याय 6.3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्र के बाणों के समान चमकते हुए उल्काएँ बिजली की कड़क के साथ गिर रही हैं। इस रात्रि के बीत जाने पर तुम लोगों को अपने अन्याय का फल प्रातःकाल से ही मिलना आरम्भ हो जाएगा ॥35॥
Meteors shining like Indra's arrows are falling with the crackling of lightning. After this night is over, you people will start getting the result of your injustice from the morning itself. ॥ 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥