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mahabharat 6.3.20: जो गौएँ सम्पूर्ण जगत की माताएँ मानी जाती हैं और जिनके अधीन सम्पूर्ण जगत है, उनके बछड़ों द्वारा दूध छुड़ाने पर उनके थनों से रक्त बहने लगता है ॥20॥   |   mahabharat अध्याय 6.3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.3.20 
प्रधाना: सर्वलोकस्य यास्वायत्तमिदं जगत्।
ता गाव: प्रस्नुता वत्सै: शोणितं प्रक्षरन्त्युत॥ २०॥
 
 
अनुवाद
जो गौएँ सम्पूर्ण जगत की माताएँ मानी जाती हैं और जिनके अधीन सम्पूर्ण जगत है, उनके बछड़ों द्वारा दूध छुड़ाने पर उनके थनों से रक्त बहने लगता है ॥20॥
 
The cows who are considered as the mothers of the entire universe and under whose control the whole world is, bleed from their udders after they are weaned by their calves. ॥20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)