Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.3.17: चित्रा और स्वाति के मध्य स्थित क्रूर ग्रह राहु सदैव वक्री होकर रोहिणी, चन्द्रमा और सूर्य को पीड़ा पहुँचाता है। वह तेज से प्रज्वलित होकर ध्रुव के बाईं ओर गति कर रहा है, जो महान अनिष्ट का सूचक है।॥17॥ | mahabharat अध्याय 6.3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चित्रा और स्वाति के मध्य स्थित क्रूर ग्रह राहु सदैव वक्री होकर रोहिणी, चन्द्रमा और सूर्य को पीड़ा पहुँचाता है। वह तेज से प्रज्वलित होकर ध्रुव के बाईं ओर गति कर रहा है, जो महान अनिष्ट का सूचक है।॥17॥
The cruel planet Rahu, situated between Chitra and Swati, being always retrograde, causes pain to Rohini, the Moon and the Sun. It is blazing brightly and is moving towards the left of the Pole, which is an indicator of great evil.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥