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mahabharat 6.3.11: चारों ओर भयंकर तूफान है, धूल कम नहीं हो रही है, पृथ्वी बार-बार हिल रही है और राहु सूर्य के निकट जा रहा है ॥11॥   |   mahabharat अध्याय 6.3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.3.11 
विष्वग्वाताश्च वान्त्युग्रा रजो नाप्युपशाम्यति।
अभीक्ष्णं कम्पते भूमिरर्कं राहुरुपैति च॥ ११॥
 
 
अनुवाद
चारों ओर भयंकर तूफान है, धूल कम नहीं हो रही है, पृथ्वी बार-बार हिल रही है और राहु सूर्य के निकट जा रहा है ॥11॥
 
There is a terrible storm all around, the dust is not subsiding, the earth is shaking repeatedly and Rahu is moving closer to the Sun. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)