Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.29.16: परन्तु जब कोई अज्ञान को नष्ट करने वाले ज्ञान से प्रकाशित हो जाता है, तो उसके ज्ञान से सब कुछ प्रकट हो जाता है, जैसे कि दिन में सूर्य सब कुछ प्रकाशित कर देता है।   |   mahabharat अध्याय 6.29: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 5: कर्मयोग   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 29: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 5: कर्मयोग  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.29.16 
ज्ञानेन तु तदज्ञानं येषां नाशितमात्मन: ।
तेषामादित्यवज्ज्ञानं प्रकाशयति तत्परम् ॥ १६ ॥
 
 
अनुवाद
परन्तु जब कोई अज्ञान को नष्ट करने वाले ज्ञान से प्रकाशित हो जाता है, तो उसके ज्ञान से सब कुछ प्रकट हो जाता है, जैसे कि दिन में सूर्य सब कुछ प्रकाशित कर देता है।
 
But when one is enlightened by the knowledge which destroys ignorance, everything becomes manifest by his knowledge, just as the sun illuminates everything during the day.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)