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mahabharat 6.28.37: हे अर्जुन! जिस प्रकार प्रज्वलित अग्नि ईंधन को भस्म कर देती है, उसी प्रकार ज्ञान की अग्नि समस्त भौतिक कर्मों के परिणामों को भस्म कर देती है।   |   mahabharat अध्याय 6.28: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 4: दिव्य ज्ञान   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 28: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 4: दिव्य ज्ञान  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  6.28.37 
यथैधांसि समिद्धोऽग्न‍िर्भस्मसात्कुरुतेऽर्जुन ।
ज्ञानाग्न‍िः सर्वकर्माणि भस्मसात्कुरुते तथा ॥ ३७ ॥
 
 
अनुवाद
हे अर्जुन! जिस प्रकार प्रज्वलित अग्नि ईंधन को भस्म कर देती है, उसी प्रकार ज्ञान की अग्नि समस्त भौतिक कर्मों के परिणामों को भस्म कर देती है।
 
Just as a blazing fire consumes fuel, O Arjuna, so the fire of knowledge burns all the results of material activities.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)