Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.28.24: जो व्यक्ति कृष्णभावनामृत में पूर्णतया लीन रहता है, वह अपने आध्यात्मिक कर्मों के कारण निश्चित रूप से भगवान के धाम को प्राप्त करता है, क्योंकि उसे अर्पित किया गया प्रसाद आध्यात्मिक होता है तथा आहुति भी आध्यात्मिक होती है। | mahabharat अध्याय 6.28: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4: दिव्य ज्ञान । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो व्यक्ति कृष्णभावनामृत में पूर्णतया लीन रहता है, वह अपने आध्यात्मिक कर्मों के कारण निश्चित रूप से भगवान के धाम को प्राप्त करता है, क्योंकि उसे अर्पित किया गया प्रसाद आध्यात्मिक होता है तथा आहुति भी आध्यात्मिक होती है।
A person who is fully absorbed in Krsna consciousness certainly attains the abode of God by virtue of his spiritual activities, because the offering made to him is spiritual and the oblation is also spiritual.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥