Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.28.19: जिस व्यक्ति का प्रत्येक प्रयास इन्द्रिय-तृप्ति की इच्छा से रहित है, उसे पूर्ण ज्ञानी कहा जाता है। संत पुरुष उसे कर्ता कहते हैं जिसने पूर्ण ज्ञान की अग्नि से अपने कर्मों के फलों को नष्ट कर दिया है। | mahabharat अध्याय 6.28: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4: दिव्य ज्ञान । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस व्यक्ति का प्रत्येक प्रयास इन्द्रिय-तृप्ति की इच्छा से रहित है, उसे पूर्ण ज्ञानी कहा जाता है। संत पुरुष उसे कर्ता कहते हैं जिसने पूर्ण ज्ञान की अग्नि से अपने कर्मों के फलों को नष्ट कर दिया है।
A person whose every effort is devoid of the desire for sense gratification is considered to be a person of complete knowledge. A saintly person calls him a doer who has destroyed the results of his actions with the fire of complete knowledge.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥