Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.27.9: मनुष्य को श्री विष्णु के लिए यज्ञ रूपी कर्म करना चाहिए, अन्यथा कर्म इस भवसागर में बंधन का कारण बनते हैं। इसलिए हे कुन्तीपुत्र! उनकी प्रसन्नता के लिए नियत कर्म करो। इस प्रकार तुम सदैव बंधन से मुक्त रहोगे। | mahabharat अध्याय 6.27: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3: कर्मयोग । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मनुष्य को श्री विष्णु के लिए यज्ञ रूपी कर्म करना चाहिए, अन्यथा कर्म इस भवसागर में बंधन का कारण बनते हैं। इसलिए हे कुन्तीपुत्र! उनकी प्रसन्नता के लिए नियत कर्म करो। इस प्रकार तुम सदैव बंधन से मुक्त रहोगे।
One should perform actions in the form of sacrifice for Shri Vishnu, otherwise action leads to bondage in this material world. Therefore, O son of Kunti, perform your prescribed actions for His happiness. In this way, you will always remain free from bondage.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥