Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.27.37: भगवान ने कहा, "हे अर्जुन! इसका कारण रजोगुण के संसर्ग से उत्पन्न काम है, जो आगे चलकर क्रोध का रूप धारण करता है और इस जगत का सर्वभक्षी पापमय शत्रु है। | mahabharat अध्याय 6.27: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3: कर्मयोग । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान ने कहा, "हे अर्जुन! इसका कारण रजोगुण के संसर्ग से उत्पन्न काम है, जो आगे चलकर क्रोध का रूप धारण करता है और इस जगत का सर्वभक्षी पापमय शत्रु है।
The Lord said, "O Arjuna! The cause of this is lust generated by the contact of the mode of passion, which later takes the form of anger and is the all-devouring sinful enemy of this world.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥