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प्रकृतेर्गुणसम्मूढाः सज्जन्ते गुणकर्मसु ।
तानकृत्स्नविदो मन्दान्कृत्स्नविन्न विचालयेत् ॥ २९ ॥
अनुवाद
माया के गुणों में लिप्त होकर अज्ञानी मनुष्य भौतिक कार्यों में पूरी तरह लिप्त हो जाते हैं और उनमें आसक्त हो जाते हैं। यद्यपि उनके ये कार्य अज्ञान के कारण निकृष्ट हैं, फिर भी बुद्धिमानों को चाहिए कि उन्हें विचलित न करें।
When engrossed in the modes of Maya, ignorant men become completely involved in material activities and become attached to them. Although these activities of theirs are inferior due to their lack of knowledge, the wise should not disturb them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥