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श्लोक  6.27.23 
यदि ह्यहं न वर्तेयं जातु कर्मण्यतन्द्रितः ।
मम वर्त्मानुवर्तन्ते मनुष्याः पार्थ सर्वशः ॥ २३ ॥
 
 
अनुवाद
क्योंकि हे पार्थ, यदि मैं सावधानी से नियत कर्तव्यों का पालन नहीं करूंगा तो यह निश्चित है कि सभी मनुष्य मेरे मार्ग का अनुसरण करेंगे।
 
Because if I do not carefully perform the prescribed duties, O Partha, it is certain that all men will follow my path.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)