Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.27.15: वेदों में नियमित कर्मों के नियम हैं और ये वेद परमपिता परमेश्वर (परब्रह्म) से प्रकट हुए हैं। फलस्वरूप, सर्वव्यापी ब्रह्म यज्ञ-अनुष्ठानों में सदैव विद्यमान रहते हैं। | mahabharat अध्याय 6.27: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3: कर्मयोग । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वेदों में नियमित कर्मों के नियम हैं और ये वेद परमपिता परमेश्वर (परब्रह्म) से प्रकट हुए हैं। फलस्वरूप, सर्वव्यापी ब्रह्म यज्ञ-अनुष्ठानों में सदैव विद्यमान रहते हैं।
There are rules for regular actions in the Vedas and these Vedas have been revealed from the Supreme Lord (Parabrahma). As a result, the omnipresent Brahma is always present in the yagya rituals.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥