Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.26.64: परन्तु जो व्यक्ति समस्त राग-द्वेष से मुक्त है तथा आत्म-संयम द्वारा अपनी इन्द्रियों को वश में करने में समर्थ है, वह भगवान की पूर्ण कृपा प्राप्त कर सकता है। | mahabharat अध्याय 6.26: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2: गीता का सार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परन्तु जो व्यक्ति समस्त राग-द्वेष से मुक्त है तथा आत्म-संयम द्वारा अपनी इन्द्रियों को वश में करने में समर्थ है, वह भगवान की पूर्ण कृपा प्राप्त कर सकता है।
But a person who is free from all passion and hatred and is able to control his senses through self-control can obtain the full grace of the Lord.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥