Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.26.45: वेदों में मुख्यतः प्रकृति के तीन गुणों का वर्णन है। हे अर्जुन! इन तीनों गुणों से ऊपर उठो। सभी द्वैत और लाभ व सुरक्षा की सभी चिंताओं से मुक्त होकर आत्मनिर्भर बनो। | mahabharat अध्याय 6.26: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2: गीता का सार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वेदों में मुख्यतः प्रकृति के तीन गुणों का वर्णन है। हे अर्जुन! इन तीनों गुणों से ऊपर उठो। सभी द्वैत और लाभ व सुरक्षा की सभी चिंताओं से मुक्त होकर आत्मनिर्भर बनो।
The Vedas mainly describe the three gunas of nature. O Arjuna! Rise above these three gunas. Be free from all dualities and all worries of gain and security and become self-reliant.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥