Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.26.39: यहाँ मैंने विश्लेषणात्मक अध्ययन (सांख्य) द्वारा इस ज्ञान का वर्णन किया है। अब मैं तुम्हें निष्काम भाव से कर्म करने को कह रहा हूँ, इसे सुनो। हे पृथापुत्र! यदि तुम इस ज्ञान से कर्म करोगे तो तुम कर्मों के बंधन से मुक्त हो जाओगे। | mahabharat अध्याय 6.26: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2: गीता का सार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यहाँ मैंने विश्लेषणात्मक अध्ययन (सांख्य) द्वारा इस ज्ञान का वर्णन किया है। अब मैं तुम्हें निष्काम भाव से कर्म करने को कह रहा हूँ, इसे सुनो। हे पृथापुत्र! यदि तुम इस ज्ञान से कर्म करोगे तो तुम कर्मों के बंधन से मुक्त हो जाओगे।
Here I have described this knowledge through analytical study (Sankhya). Now I am telling you to perform actions without any desire, listen to it. O son of Pritha! If you perform actions with such knowledge then you can free yourself from the bondage of actions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥