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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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श्लोक 38
श्लोक
6.26.38
सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ ।
ततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि ॥ ३८ ॥
अनुवाद
तुम्हें सुख-दुःख, हानि-लाभ, जय-पराजय का विचार किए बिना युद्ध के लिए लड़ना चाहिए। ऐसा करने से तुम्हें कोई पाप नहीं लगेगा।
You should fight for the sake of war without thinking of pleasure or pain, loss or gain, victory or defeat. You will not commit any sin by doing this.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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