| श्री महाभारत » पर्व 6: भीष्म पर्व » अध्याय 26: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2: गीता का सार » श्लोक 18 |
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| | | | श्लोक 6.26.18  | अन्तवन्त इमे देहा नित्यस्योक्ताः शरीरिणः ।
अनाशिनोऽप्रमेयस्य तस्माद्युध्यस्व भारत ॥ १८ ॥ | | | | | | अनुवाद | | अविनाशी, अपरिमेय और शाश्वत सत्ता के भौतिक शरीर का अंत अवश्यंभावी है। इसलिए हे भारतवासियों! युद्ध करो। | | | | The end of the physical body of an indestructible, immeasurable and eternal being is inevitable. Therefore, O people of Bharat! Make war. | | ✨ ai-generated | | |
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